Prithviraj Chauhan · July 23, 2016 7,310

पृथ्वीराज चौहान का परिचय

 
हमारे हिंदुस्तान में हमारी शिक्षा प्रणाली ने हमें कभी भी सही तरीके से हमारा गौरव पूर्ण इतिहास हमें कभी नहीं बताया क्योंकि ये हमारे देश और हम सब का दुर्भाग्य है, हमें कभी भी ये नहीं पता चल सका की हमारे अपने देश में लोग कैसे थे या फिर कितनो ने राज किया, ये सारी बातें कुछ ही लोगो को पता होगी। मुझे याद है की मैं जब पांचवी कक्षा में पहुंचा था तब से लेकर दसवी तक मैं अगर अपने स्वतंत्रता सेनानियों को छोड़ दूं तो और किसी भी शाषक के बारे में कहीं नहीं पढ़ा था, बल्कि मैं अमेरिका। पेरिस और पता नहीं किन किन देशों के बारे में पढ़ा था, जिनमे लिखा था की वो क्या पहनते थे, क्या खाते थे, मैंने उस समय भी अपने शिक्षकों से कहा था की हमें अपने देश के बारे तो कुछ पता नहीं और पेरिस के बारे में पढ़ रहे है, पर मेरे अध्यापक ने इसे हमारा दुर्भाग्य बताया और भारत की शिक्षा निति यही है ये बता कर मुझे समझाया था, खैर उसके बारे में तो मैं कुछ नहीं कर सकता हूँ।शुरुवात से ही हमें एक गलत इतिहास बताया गया है।एक लेखक ने तो महाराज पृथ्वीराज चौहान को गद्दार तक लिख दिया जिसकी गूँज संसद तक उठी और ये बात उस लेखक ने अपने निजी उपन्यास या किताब में नहीं लिखी बल्कि 11वी कक्षा के इतिहास के किताब में लिख दी थी, जिसे बाद में बदला गया। खैर सच्चाई कभी किसी से छुपती नहीं है। पृथ्वीराज चौहान के चरित्र के बारे में ऊँगली उठाने वाले निश्चित ही उनके बैरी ही है। हमारे हिन्दुस्तान में पृथ्वीराज चौहान कोई परिचय या तारीफ का मोहताज़ नहीं है पर क्या आप उनकी इस वीरता की कहानी को अच्छी तरह से जानते है।।।।।मुझे लगता है की आप में से बहुत कोई को उनके जीवन के कुछ पहलू या बेहतरीन लम्हों को छोड़ कर बहुत ज्यादा कुछ नहीं पता होगा ।आप यहाँ पर उनके हर पहलू को अलग अलग पेज में जाकर पढ़ सकते है जो की लिंक से जोड़ दिए गए है। पृथ्वीराज चौहान के समय की कुछ खास जानकारी नहीं मिलती है चंदरबरदाई को छोड़ दे तो बहुत इतिहासकार का अपना अपना अलग अलग मत है। कुछ टीवी सीरियल में भी उनके चरित्रों को दर्शाया गया है पर उनके निर्देशकों ने कुछ ज्यादा ही छूट लेकर उन्हें आप सभों के सामने प्रस्तुत किया। खैर अब आप उनके जीवन का सारांश हमारे इस वेबसाइट में पढ़ सकते है। कृपया हमारा साथ दे और छोटी गलतियों को नज़र अंदाज़ करें। मुसलमानों ने मुहम्मद गौरी से युद्ध के अतिरिक्त और कोई भी बात नहीं लिखी है। रासो में उनकी मौत के बारे में लिखी है की तेरायन की दूसरी युद्ध में उन्हें बंदी बना लिया गया और उन्हें गजनी ले जाया गया जिसे आप आगे विस्तार से पढेंगे वहां पर उनके साथ बहुत बुरी तरह से जुल्म किये गए, मुह्हमद गौरी के आंख नीचे करने के आदेश को जब पृथ्वी ने नहीं माना तब उनकी आंखे फोड़ दी गयी, तब चन्द्रबरदाई के कहने पर उसी हालत में शब्द भेदी बाण विद्या का इस्तेमाल करके उन्होंने मुहम्मद गौरी को मारा।और वे एक दुसरे को भी मार दिए। हमें दुःख तो इस बात का है की पृथ्वीराज चौहान को 900 सालो तक अपने देश की मिटटी नहीं नसीब हुई, कई बार भारत सरकार को उनके कब्र को भारत लाने की मांग की गयी पर यहाँ के नेताओं को अपनी जेब भरने से फुर्सत मिले तब तो, फिर जो काम भारत सरकार नहीं कर पायी वो एक राजपूत वीर ने सन 2001 में शेर सिंह राणा ने कर दिखाया, वो अफगानिस्तान जा कर उनकी अश्थियाँ को भारत वापस लाये और उन्हें गंगा में विसर्जित कर उनके आत्मा को शांति दी, इतना ही नहीं उन्होंने पृथ्वीराज की समाधी भी कानपूर के बेवर में बनवाया। वो अवश्य ही पृथ्वीराज के कोई पुत्र होंगे जिसने अगले जनम में अपने पुत्र होने का फर्ज निभाया। इस वेबसाइट में हम आपके सामने पृथ्वीराज रासो पर लिखी हुई बातों के अनुसार ही जानकारियां दे रहे है पृथ्वीराज के पतन के साथ ही भारत के स्वतंत्रता का सुरज हमेशा के लिए अस्त जो गया। उसी समय से लोगो के मन में ये विश्वास है की मुसलमानों के आगमन से ही हमारे देश का ये हाल हुआ है पर गौर करने वाली बात ये है की अगर हम में उसी समय आपस में फूट न पड़ी होती तो क्या हमारे पास ये दिन देखने को आता। हमारी ही कमजोरी ने ही उन्हें यहाँ आने का आमंत्रण दिया। जो हो पर ये बात तो पक्की थी की जब तक हमारे देश में पृथ्वीराज चौहान और उनके दोस्तों के जैसे वीर हिन्दुस्तान के धरती पर थे मुसलमान इधर आँख उठा कर भी देख नहीं पाए पर उनके कुछ गलतियों के कारण ही हमारा हिन्दुस्तान परतंत्रता की जंजीर में लगभग 800 सालों तक बंध गया। पर एक बात अब भी है क्या हम इस सरकार में पूरी तरह से आजाद हो चुके है?????

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